Thursday, September 16, 2021

E-Waste Pointers For UPSC MPPSC Exam

 








  • वर्तमान में ई-वेस्ट एक गंभीर वैश्विक समस्या बनती जा रही है। भारत विश्व का पांचवां सबसे ज्यादा ई-वेस्ट उत्पादक है। ई-वेस्ट मानव सभ्यता के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है। 
  • ई.वेस्ट में मौजूद मर्करी, लिथियम, आर्सेनिक, बेरियम, कैडमियम इत्यादि पदार्थ स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक है।
  • भारत विश्व के प्रमुख छः देशों में से हैं जहां पर गैर कानूनी तरीके से ई-वेस्ट का आयात किया जाता है। 
  • भारत में ई-वेस्ट संग्रहण, निस्तारण एवं परिवहन का समस्त कार्य ऐसे असंगठित क्षेत्र द्वारा किया जाता है जोकि ई-वेस्ट के वैज्ञानिक निस्तारण से अनभिज्ञ हैं। बल्कि ई-वेस्ट से सोने चांदी जैसी कीमती धातुओं को निकालने के कार्य में छोटे बच्चों का इस्तेमाल भी किया जाता है जोकि उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक भी है।
  • सन् 2016 में भारत द्वारा ई-वेस्ट प्रबंधन नियमों को अधिसूचित किया गया जिनमें 2018 में फिर से बदलाव किया गया
  • नागरिकों को ई-वेस्ट के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना था। परस्पर संवादात्मक तरीके से 
  • ई-वेस्ट निस्तारण भारत के लिए एक नई संकल्पना है तथा अधिकतर नागरिक इसके दुष्प्रभावों से परिचित नहीं है तथा न ही उन्हें इसके कुशल निष्पादन के तरीकों की जानकारी हैं

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